US H-1B Visa News : H-1B वीजा मिलेगा या नहीं? सेलेक्शन के बाद क्या करें

US H-1B Visa News: अमेरिकी कंपनियां विदेशी वर्कर्स को नौकरी पर रखने के लिए H-1B वीजा का इस्तेमाल करती हैं। इसके जरिए ही बड़ी संख्या में भारतीय वर्कर्स अमेरिका में जॉब करने जाते हैं। वीजा प्रोग्राम के लिए रजिस्ट्रेशन प्रोसेस बंद हो चुका है और अब नतीजों का ऐलान होने वाला है।
H-1B Visa Lottery Result: अमेरिका में नौकरी के लिए विदेशी वर्कर्स को दिए जाने वाले H-1B वीजा का रजिस्ट्रेशन बंद हो चुका है। रजिस्ट्रेशन की शुरुआत 7 मार्च को हुई थई, जो 24 मार्च 2025 को खत्म हो गई। H-1B वीजा के लिए वर्कर्स का चुनाव लॉटरी सिस्टम के जरिए किया जाता है। यूएस सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (USCIS) नतीजों का ऐलान 31 मार्च, 2025 को कर देगा, जिसके बाद चुने गए उम्मीदवारों के पास H-1B वीजा याचिका दायर करने के लिए 90 दिन होंगे।
वहीं, अगला H-1B वीजा रजिस्ट्रेशन मार्च 2026 में शुरू होने की उम्मीद है। इसके लिए भी रजिस्ट्रेश हर साल की तरह ही रहने वाला है। हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार में कुछ बदलाव भी देखने को मिल सकते हैं। इन बदलावों के बारे में USCIS की वेबसाइट पर बताया जाएगा, इसलिए वेबसाइट को देखते रहें। H-1B वीजा पाने वाले लोगों को तीन साल तक देश में काम करने की इजाजत होती है। हालांकि, इसे आगे अगले तीन साल के लिए बढ़ाया भी जा सकता है।
किन लोगों को मिलता है H-1B वीजा? (US H-1B Visa News)
H-1B वीजा हासिल करने के लिए कुछ शर्तों को पूरा करना होता है। जिनके पास बैचलर डिग्री या उससे ऊंची डिग्री होती है, वे इस वीजा प्रोग्राम के लिए अप्लाई कर सकते हैं। हालांकि, आवेदन की इजाजत तभी मिलती है, जब उनके पास अमेरिका के किसी कंपनी से जॉब ऑफर मिला हुआ है। अमेरिकी सरकार हर साल 65,000 वीजा जारी करती है। 20,000 वीजा उन लोगों के लिए हैं जिनके पास अमेरिकी संस्थानों से एडवांस डिग्री है। यही वजह है कि इस वीजा की सबसे ज्यादा डिमांड होती है।
आपको बता दें कि H-1B वीजा एक लॉटरी सिस्टम पर आधारित है। इसका मतलब है कि सभी योग्य आवेदकों को वीजा नहीं मिलेगा। अगर आपको वीजा नहीं मिलता है, तो आप अगले साल फिर से कोशिश कर सकते हैं। H-1B वीजा उन लोगों के लिए एक अच्छा मौका है, जो अमेरिका में काम करना चाहते हैं। अमेरिका की कंपनियां, खासतौर पर आईटी, हेल्थकेयर और फाइनेंस सेक्टर की कंपनियों में सबसे ज्यादा विदेशी वर्कर्स की हायरिंग होती है। इस वजह से वे बड़ी संख्या में H-1B वीजा स्पांसरशिप देती हैं।